Khush Rehne Ke Tarike
Happy Life Kaise Banaye | Khush Rehne Ke 10 Tarike
जीवन को खुशहाल कैसे बनाए ? खुश रहने के सबसे आसान 10 तरीके क्या है ?
![]() |
| Happy Life image png |
Hamesha khush kaise Rahe
खुश रहना कोई बड़ा काम नहीं है, यह सबसे आसान काम है। हमें लगता है कि खुश रहने के लिए हमारे पास बहुत सारा पैसा हो, सुख सुविधाएं हो, सभी से अच्छे रिलेशन हो, तभी हम खुशहाल होंगे।
लेकिन ऐसा नहीं है, वास्तव में अच्छे हालात, ज्यादा पैसा, सुख सुविधाएं और अच्छे रिलेशन कुछ समय के लिए हमें सुख देते हैं परंतु स्थाई सुख इन भौतिक वस्तुओं में हमें नहीं मिल सकता है।
कहानी -1
जैसे एक गरीब आदमी को जब रहने के लिए झोपड़ी मिल जाती है तो वह कुछ समय के लिए खुश हो जाता है। परंतु जैसे ही वह किसी का बहुत सुंदर , पक्का बड़ा सा मकान देखता है तो तुरन्त ही उसका झोपड़ी बाला सुख गायब हो जाता है।
अब उस झोपड़ी में उसे कोई सुख नही मिलता, वह दिन रात उस बड़े से मकान के सपने देखता रहता है, वह उसे पाने के लिए दिन रात मेहनत करता है।
बहुत प्रयास और मेहनत के बाद आखिर में वह भी वैसा ही एक पक्का आलीशान मकान बना लेता है। अब वह अपनी लाइफ में खुश रहने लगा।
कुछ समय बीता, उसने देखा कि उसके बगल में ही एक बहुत बड़े बिजनेस मैन ने कई मंजिला इमारत बना दी और वह उसमें ठाठ से रहता है, उसके पास तीन चार आने जाने के लिए गाड़िया भी हैं।
बेचारे उस आदमी का फिर से सकून गायब हो गया।
झोपड़ी बाला आदमी फिर उदास रहने लगा।
तो इससे पता चलता है कि खुश रहने के लिए हमें किसी वस्तु की जरूरत नहीं होती बल्कि अपने को जानने से, अपने ज्ञान को विकसित करने , अपनी इच्छाओं पर संतुलन बना कर हम खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
फिर भी 10 आसान से टिप्स हम आपको बता रहे हैं जिनको आप फॉलो करके अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।
1. तुलना बंद करें : अपने से किसी की भी तुलना न करें। आप अपने आप में अलग हैं। हो सकता है कि सामने वाला आपको बाहर से खुश दिख रहा हो, उसके पास अच्छा घर और सारी सुख सुविधाएं हो लेकिन क्या आपको पता है कि उसने बैंक से कितना लोन ले रखा है। उसके सर पर कितना कर्जा है, हो सकता है उसे रातों को नीद भी नहीं आती हो। और आप अपनी चारपाई पर बड़े मजे से सोते हो।
2. अपनी इच्छाओं पर संतुलन: जैसा कि हमने ऊपर कहानी में बताया कि इच्छाएं अनंत होती हैं एक को पूरा करोगे तो दूसरी आ जायेगी। सिर्फ जरूरी इच्छाओं की पूर्ति होनी चाहिए। मान लो हमारे पास बाइक है उससे हमारा काम चल सकता है, हमारा बजट भी फोर व्हीलर खरीदने का नही है। तब सिर्फ दिखाने के लिए, यदि हम लोन लेकर फोर व्हीलर खरीदते हैं तो यह हर हाल में हमारे दुःख का कारण बनेंगे। कम पैसों में गुजारा करें लेकिन अनावश्यक लोन या उधारी हमारे शकून को गायब कर देगी।
3. संतोष ही परम सुख है: हम यह बिलकुल नही कहते कि जीवन में कुछ पाने के लिए कोई लक्ष्य न बनाए, उसके लिए कोई प्रयास न करें। लक्ष्य और प्रयास तो बहुत जरूरी हैं जीवन में।
लेकिन कुछ लोग दूसरों को देकर अंधी दौड़ शुरू कर देते हैं । बिना सोचें समझे उस दौड़ में न शामिल हो। शांत मन से छोटे छोटे लक्ष्यों को पाते हुए बड़े लक्ष्य की तरफ बढ़ें।
4. अपनी एक नियमित दिनचर्या बनाए: हर काम का अपना एक समय होता है। सुबह वाला काम दोपहर को, दोपहर वाला शाम को, और शाम वाला रात को करेंगे तो 100% बीमार होंगे। फिर सारी कमाई डॉक्टर हजम कर जायेंगे। सुबह जल्दी उठने से लेकर शाम तक के नित्य जो कर्म आप समय से करते रहेंगे तो आपको अंदर से बड़ी शांति महसूस होगी। आप प्रसन्न रहेंगे खुश रहेंगे।
5. ईश्वर को रोजाना धन्यवाद करें: परम पिता परमेश्वर ने हमें 24 घंटे दिए हैं। क्या हमारा फर्ज नही बनता कि हम उसे धन्यवाद दें। हमारी कोई जरा सी मदद करता है हम उसको तुरन्त thank you बोल देते हैं । परंतु क्या हम एक बार भी उस ईश्वर के लिए हाथ जोड़ कर धन्यवाद भी नही कर सकते जिसने पूरी सृष्टि सिर्फ हमारे लिए बना डाली। ये सूर्य , चन्द्र, ग्रह, नक्षत्र सभी हमसे जुड़े हैं, कोई हमसे अलग नहीं है सिर्फ अज्ञान वश हमें ऐसा प्रतीत होता है।
6. किसी को धोखा न दे: दूसरों को धोखा देने वाला व्यक्ति कभी भी सुखी नही हो सकता। कर्म का सिद्धांत अटल है जैसा बोयेगे, वैसा काटेंगे।
7. माफ करना सीखें: बहुत बार आपके साथ कुछ गलत हो जाता है। उसे ईश्वर की इच्छा समझ कर या अपने पुराने कर्मों का फल समझ कर भूल जाना चाहिए। क्यूंकि हर समय पुराने दुःख के ख्याल हमें निराशा की तरफ ले जाते हैं।
8. मन को शांत रखें: हमेशा मन को शांत रखने का प्रयास करें। कभी किसी के उकसाने पर पर गलत भाषा का प्रयोग न करें। बेकार की बातों को अपने मन में न आने दें।
9. मीठी वाणी का प्रयोग करें : जब हम मीठा बोलते हैं तो सामने बोले को भी अच्छा लगता है। तो वह भी हमसे अच्छा व्यवहार करता है जिसका सीधा असर हमारे मन मस्तिष्क पर पड़ता है।
10. वर्तमान में जिए : हमेशा वर्तमान में जीने का प्रयास करें। भविष्य को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। जो हो रहा है ईश्वर की मर्जी से हो रहा है और जो होगा वह भी ईश्वर की मर्जी से ही होगा। और ईश्वर कभी कुछ गलत नही कर सकता, इतना हमें विश्वास होना ही चाहिए।
पोस्ट पसंद आई हो तो हमें फॉलो करना न भूलें ।
अपने किसी खास मित्र को जरूर शेयर करें।
बाकी कोई सुझाव हो तो हमें कॉमेंट या ईमेल करें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
कृपया सकारात्मक सोच के साथ अपने अनुभव साझा करें।