संशय क्या है? जानिए यह आपकी जिंदगी को कैसे बर्बाद करता है?
संशय व्यक्ति को निर्णय लेने में असमर्थ बनाता है और कर्म करने से रोकता है। शास्त्रों में इसे "संशयात्मा विनश्यति " (संशय करने वाले का विनाश होता है) कहकर इससे बचने की सलाह दी गई है। संशय (DOUBT) शब्द का बैसे तो शाब्दिक अर्थ है - शक, संदेह , दुविधा, अनिश्चय , अविश्वास, असमंजस, आशंका आदि। देखने में तो यह मात्र शब्द ही हैं लेकिन यदि संशय हमारी जिंदगी में हो तो हमारी जिंदगी में कुछ भी नहीं बचता। संशय सब कुछ बर्बाद कर देता है। संशय क्या है ? जानिए यह आपकी जिंदगी को कैसे बर्बाद करता है ? Ai image संशय का एक मतलब अविश्वास भी है। आपने कई ऐसी कहानियां पढ़ी या सुनी होगी जिससे पता चलता है कि यदि हम कोई काम पूर्ण विश्वास के साथ करते हैं तो उस काम में हमें सफलता मिलते देर नहीं लगती, लेकिन यदि उस काम को लेकर हमारे मन में जरा सी भी विश्वास की कमी हो यानि संशय(DOUBT) हो, तो उस काम में पूर्ण कामयाबी हमें कभी भी नहीं मिल सकती है। संशय को रामायण के एक प्रसंग से समझते हैं। (यह बात उस समय की है जिस समय विष्णु भगवान श्री राम के अवतार में सीता माता की खोज में बिलखते हुए बड़े ही दीन हीन भाव से व...