99% Log Paise ke Peeche Galat Tareeke se Bhagte hain
99% लोग पैसे के पीछे गलत तरीके से भागते हैं। इसीलिए बहुत पैसा कमाने के बाद भी उन्हें जीवन में सुख शांति नही मिलती।
हम जानते हैं, दरिद्रता ( गरीबी) बहुत बड़ा अभिशाप है। आज कल के दौर में गरीब आदमी का कोई सम्मान नही करता। पैसा न हो तो रिश्तेदार, रिश्ता तोड़ देते हैं। इस महंगाई में गरीब आदमी के लिए अच्छा घर और सुख सुविधाएं बहुत दूर की बात है, ढंग का खाना तक नसीब नही होता। हमारे गांवों में एक कहावत है " बिन पैसा,मर्द भूसी" मतलब बिना पैसे के मर्द किसी काम का नही।
आज की लाइफ़ स्टाइल में जीने के लिए पैसा बहुत इंपोटेंट है लेकिन क्या पैसे के पीछे बिना सोचें समझें, अंधी दौड़ लगाना ठीक होगा ? क्या बिना सोचे समझे, आंख बंद करके, अंधा धुंध कमाया हुआ पैसा आपको जीवन में सुख शांति दे पाएगा ?
इसी टॉपिक को कवर करने की कोशिश करेंगे आज की इस पोस्ट में
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kya paise hi sab kuch hai ? क्या पैसा ही सब कुछ है ?
जीवन में पैसा सब कुछ तो नही, लेकिन बहुत कुछ है। बिना पैसे के एक व्यक्ति की कोई वैल्यू नही होती। उसका समाज में कोई सम्मान नही करता। परिवार और रिश्तेदारी में हर जगह उसका तिरस्कार होता है। लोग उसको हीन भावना से देखते हैं। सारी सुख सुविधाएं उसको सपने में भी नसीब नही हो सकती।
आपके पास पैसा हो तो आपमें लाख बुराइयां हो फिर भी लोग इग्नोर कर देते हैं। लोग आपकी हां हजूरी खूब करते हैं। मतलब आपके पास पैसा हो तो मैन मेड हर वो चीज मिल सकती है जिसकी आपको इच्छा है या जरूरत हो।
अब बात करते हैं कि पैसे से आपको क्या क्या नही मिल सकता ?
आप कितना भी पैसा कमा लो.... पैसे से इन चीजों को खरीदा नही जा सकता।
- सच्चा प्यार: पैसे से किसी को अपनी तरफ आकर्षित किया जा सकता है लेकिन सच्चा प्यार पैसे से नही मिल सकता।
- मन की शांति: पैसे से आरामदायक सभी चीजें खरीदी जा सकती हैं लेकिन मन की शांति आपको पैसों से नहीं मिल सकती।
- असली रिश्ते : आपका पैसा देख कर लोग आपके पास तो आ सकते हैं लेकिन मतलब पूरा होते ही वे आपको भूल जायेंगे। असली संबंध पैसे से नहीं दिल से बनते हैं।
- बीता हुआ समय: जो समय आपका बीत गया है उसको वापस पैसे की दम पर नहीं लाया जा सकता ।
- अच्छी सेहत; पैसे से आप महंगे से महंगा इलाज करा सकते हो लेकिन अच्छी सेहत की गारंटी कोई नहीं दे सकता।
- मेंटली स्ट्रांग: मुश्किल समय में पैसा काम आता हैं लेकिन जब बात हिम्मत की हो तो इसको पैसों से नहीं खरीदा जा सकता।
- सम्मान: आपके पैसे की वजह से लोग आपके आगे झुकते हैं न कि दिल से । डर से मिलने वाले सम्मान की बजह से पैसा जाते ही सब अपना रंग दिखाते हैं।
- जीवन का असली उद्देश्य: लोग बहुत सारा पैसा कमाने के बाद भी जीवन का असली उद्देश्य नहीं समझ पाते।
- सकून भरी नीद: पैसे से अच्छा बिस्तर मिल सकता है पर सकून बाली नीद नहीं मिलेंगी।
- मौत: अंतिम सत्य मौत को भी पैसे से टाला नहीं जा सकता।
बहुत सारा पैसा कमाने के बाद भी लोगों को जीवन में सुख शांति क्यों नही मिलती ?
पैसे से क्या क्या मिल सकता है और क्या क्या नहीं मिल सकता। इसको समझने के बाद अब समझते हैं कि बहुत अधिक पैसा कमाने के बाद लोग इतना दुखी क्यों हैं ?
जब गलत तरीके से , बिना सोचे समझे, अंधा धुंध पैसा कमाया जाता है तो वह अपने साथ कई तरीके की बीमारियां लाता है ।
जैसे: हमारे जीवित रहने के लिए पानी बहुत आवश्यक है। पानी न हो तो हमारे शरीर का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। हम जब भी पानी पीते हैं तो उस पर एक बार नजर जरूर डालते हैं और देखते हैं कि पानी साफ तो हैं और जब कन्फर्म हो जाते हैं कि पानी पीने योग्य है तभी हम पानी पीते हैं। और यदि हम ऐसा न करें तो हमें बीमार होते देर नही लगेगी।
लेकिन पैसे के मामले में हम ऐसी दृष्टी क्यों नही रखते। पैसा भी हमारे लिए पानी की तरह बहुत जरूरी है। याद रखें गलत तरीके से कमाया गया पैसा भी अपने साथ कई भयानक बीमारियां ले कर आता है। अंतर सिर्फ इतना है कि पानी को तुरन्त देख कर अंदाज लगा लेते हैं कि पानी साफ है या गंदा है। लेकिन गलत तरीके से कमाए गए पैसे में छुपी गंदगी सबको नही दिखती। इसके लिए अनुभव की आवश्यकता होती है।
एक उदाहरण और
एक चोर भी किसी के यहां चोरी करने जाता है तो वह भी बहुत मेहनत और दिमाग के साथ रिस्क भी लेता है। तब वह कुछ चुरा पाता है। क्या यह कर्म सही है ? नही यह कर्म सही इसलिए नहीं है क्योंकि चोर ने मेहनत, दिमाग और रिस्क सभी कुछ लगाया लेकिन उसमें सिर्फ चोर का भला हो रहा है बाकी दूसरे का नुकसान हो रहा है।
वही काम ठीक है जिसमें अपने साथ साथ किसी दूसरे का भला हो । सिर्फ अपने स्वार्थ को देख कर जो काम किया जाता है वह एक प्रकार से चोरी ही है।
मेरा अनुभव
मैने अपनी लाइफ में कई ऐसे लोग देखें हैं जो गलत तरीके से पैसे कमा कर जीरो से हीरो बहुत तेजी से बने लेकिन जब खराब बख्त शुरु हुआ तो पत्ते की तरह कहां उड़ गए पता ही नहीं चला।
आज भी वे हवेलियां खाली पड़ी हैं जिनको सजाने संवारने में उन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी। लेकिन सब बेकार । अंत में सिर्फ श्रम ही उनके हाथ लगा। पैसा कहां से आया कहां गया कोई हिसाब ही नहीं है।
गलत पैसा आते ही क्या होता है ?
- गलत पैसा आते ही इंसान की सोच बदल जाती है।
- सही या गलत के के बीच समझ खतम हो जाती है।
- अहंकार इतना बढ़ जाता है कि बही बरबादी का कारण बन जाता है।
- पूरे संसार पर कब्जा करने की कोशिश करता है।
- छोटे बड़ों का सम्मान करना भूल जाता हैं।
- उसकी शान्ति भंग हो जाती है।
- उसे लगता है सब उससे प्यार करते हैं। पर ऐसा कुछ नही सिर्फ पैसे की ताकत की बजह से लोग दिखावा करते हैं। रियल में प्यार कोई नही करता।
- हजारों गलत तरह की लतों का आदि हो जाता है। गलत आदतों की वजह से अनेकों बीमारियां उसे घेर लेती हैं।
- उसका अपने मन पर कब्जा नही होता। मन उसे तरह तरह के नाच नचाता है।
- ईश्वर से आस्था खत्म हो जाती है।
- जल्दी ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है
एक दोहा है।
कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।
या पाए बौराय जग, वा खाए बौराय ।।
अर्थ: यहां एक ही शब्द "कनक" दो जगह प्रयोग हुआ है। दोनों जगह इसका अर्थ भिन्न है। एक का अर्थ है सोना और दूसरे का अर्थ है धतूरा।
मतलब किसी को यदि सोना यानि धन अधिक मिल जाए तो उसे धन का नशा हो जाता है। और यदि कोई धतूरा खा ले तो उसको भी नशा हो जाता है। नशा किसी भी तरह का हो नाश का कारण बनता है।
सही तरीका क्या है पैसे कमाने का ?
जो पैसा अपने कर्तव्य को पूरा करते हुए, पूरी ईमानदारी के साथ, दूसरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कमाया जाता है वही पैसा यानि धन हमारे जीवन में काम आता है। इस तरीके से कमाए गए पैसे से आपको सुख शांति, जीवन का उद्देश्य और वो सब कुछ मिल जाएगा जो आप पैसे से नहीं खरीद सकते। वस धैर्य और ईमानदारी की जरुरत है।
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