Consistency Kaise Maintain Kare
Why do some people not succeed in life ? हम असफल क्यों हो जाते हैं ?
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कई छोटे बड़े सपने होते हैं। उन सपनों को पूरा करने के लिए वह काफी हद तक मेहनत करता है, रोज नए नए प्लान बनाता है, हर जतन करता है अपने सपनों को पूरा करने के लिए।
लेकिन एक छोटी सी गलती की वजह से, वह सफलता से कोसों दूर हो जाता है , उसके सारे सपने टूट जाते हैं और डिप्रेशन का शिकार होने लगता है या फिर अपने भाग्य को कोसने लगता है।
क्या आप जानते हैं ,असफलता का सबसे बड़ा कारण क्या है ?
Inconsistency इनकंसिस्टेंसी या निरंतरता में कमी
(Inconsistency) इनकंसिस्टेंसी यानि निरंतरता में कमी ही वह गलती है जिसकी वजह से व्यक्ति पूरी जीवन हजारों ,लाखों प्रयासों के बाद अपनी मंजिल तक नही पहुंच पाता। उसका सपना अधूरा का अधूरा ही रह जाता है और वह असफल हो जाता है । यानि Consistency या निरंतरता ही वह कुंजी है जो आपको सफलता के शिखर तक पहुंचाएगी।
इस पोस्ट में हम जानेंगे.....
- कंसिस्टेंसी ( Consistency) निरंतरता क्या है ?
- कंसिस्टेंसी ( Consistency) निरंतरता का महत्व ।
- कंसिस्टेंसी ( Consistency) क्यों जरूरी है जीवन में।
- कंसिस्टेंसी ( Consistency ) कैसे बनाए रखें ?
कंसिस्टेंसी ( Consistency) निरंतरता क्या है ?
अपने किसी काम या लक्ष्य को पूरा करने के लिए नियमित , निरंतर छोटे छोटे प्रयास करते रहना ही Consistency है। वैसे इसके शाब्दिक अर्थ भिन्न भिन्न हो सकते हैं। लेकिन आज कल लोग कंसिस्टेंसी का अर्थ निरंतरता से लगाते हैं।
कंसिस्टेंसी ( Consistency) निरंतरता का महत्व ।
किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए कंसिस्टेंसी बहुत ही आवश्यक है।बिना कंसिस्टेंसी के कोई भी लक्ष्य हासिल कर पाना बहुत ही मुश्किल काम है। जब कोई काम हम लगातार करते हैं तो तो उस काम में हम पारंगत हो जाते हैं। बहुत सी चीजें जो हम स्टेप बाय स्टेप रोज सीखते हैं वे हमारे माइंड में स्टोर हो जाती हैं और लगातार करने से हम भूलते नही बल्कि हमारे काम करने की क्षमता बढ़ जाती है । जो हमें, हमारे लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करती है। इसीलिए हमारे जीवन में कंसिस्टेंसी का बहुत महत्व है।
कंसिस्टेंसी ( Consistency) क्यों जरूरी है जीवन में।
कंसिस्टेंसी यानि निरंतरता क्यों बहुत जरूरी है हमारे जीवन में , एक रियल उदहारण दे कर समझाते हैं।
यह बात है वर्ष 1994 या 95 की होगी जब मेरी उम्र 13 या 14 की थी । उस टाइम यातायात के लिए ज्यादा तर लोग साइकिल का इस्तेमाल करते थे। मेरे बाबा यानि दादा, जब भी बाजार जाते थे साइकिल से ही जाते थे । लेकिन कुछ समय बाद मेरे बाबा को हर्नियां की शिकायत हो गई जिसमें डॉक्टर ने उनको साइकिल चलाने के लिए मना कर दिया।
उनके इलाज और ऑपरेशन में लगभग 2 से 3 साल बीत गए। आखिर में वह ऑपरेशन के बाद ठीक हो गए और डॉक्टर ने उनको बोल दिया कि अब तुम चाहो तो हल्की फुल्की साइकिल चला सकते हो।
लेकिन आश्चर्य की बात यह थी कि वह साइकिल चलाना भूल गए। वे एक दिन हमसे बोले, शैलेन्द्र क्या तुम मुझे साईकिल चलाना शिखा दोगे।
मुझे लगा बाबा मजाक कर रहे हैं क्योंकि मैं खुद ठीक से साइकिल नहीं चला पाता था । पहले ,आज की तरह छोटी छोटी साइकिल नहीं आती थी। सिर्फ बड़े लोगों की साइकिल ही आती थी उन्हीं को छोटे बच्चे सीखते थे और चलाते थे। बहुत कठिन काम था उस टाइम साइकिल चलाना और सीखना क्योंकि गांव में सड़कें नहीं होती थी।
फिर बाबा ने मुझे विश्वास दिलाया कि वे वास्तव में साइकिल चलाना भूल गए हैं । तब मैने उनको पीछे से धक्का दे कर फिर से साइकिल चलाना सिखाया। हालांकि उनका अनुभव पहले से ही था इसीलिए वे 2 - 3 दिन में फिर से साइकिल चलाना सीख गए।
अब आप समझ गए होंगे कि consistency यानि निरंतरता क्यों जरूरी है हमारे जीवन में।
कंसिस्टेंसी ( Consistency ) कैसे बनाए रखें ?
कंसिस्टेंसी ही सफलता की कुंजी है। यदि नियमित रूप से छोट छोटे प्रयास करेंगे तो एक दिन आप जरूर सफल होंगे। Consisyency लाने के लिए आपको कुछ आदतों को अपनाना होगा जिससे आप अपने लक्ष्य की तरफ निरंतर बढ़ते रहेंगे । यहां कुछ उपाय हम आपको बता रहे हैं जिनको करके कंसिस्टेंसी बढ़ा सकते हैं।
- लक्ष्य तय करें : सबसे पहले आप अपना एक लक्ष्य बनाए ओर उसको कहीं पर लिखें। उसको इस तरह से कहीं लिखें जिससे आपकी आते जाते उस पर नजर पड़ती रहे। इससे आपके दिमाग को हर समय अपना लक्ष्य पाने के लिए कुछ न कुछ मेहनत करनी ही पड़ेगी और हमारा माइंड भूलता नही कि उसे क्या करना है।
- काम करने का रूटीन बनाए : टाइम टेबल बहुत जरूरी है किसी भी काम में कंसिस्टेंसी बनाए रखने के लिए। यदि टाइम टेबल नहीं होगा तो हमारे माइंड को पता ही नहीं होगा कि अब आगे क्या करना है और वह कंफर्ट जोन में चला जाएगा।
- कम लेकिन लगातार प्रयास : कंसिस्टेंसी बनाए रखने के लिए भले ही कम काम किया जाए लेकिन निरंतरता जरुरी है। कभी काम किए कभी छोड़ देने से दिमाग पर बहुत प्रेसर पड़ता है इससे माइंड जल्दी थक जाता है और काम से इरिटेट हो जाता है ।
- मोटिवेशन : आपका काम में मन लगा रहे इसके लिए मोटिवेशन स्पीच या सॉन्ग सुने । माइंड में कल्पना करें कि जब आप अपने लक्ष्य को हासिल कर लोगे तो आपकी क्या स्थिति होगी, लोग आपका कितना सम्मान करेंगे। यह सब करने से आपके मन को काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
- धैर्य रखें : धैर्य रखें, "भगवान के यहां देर है, अंधेरे नही" आप जिस उद्देश्य को पाने के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं वह कभी बेकार नहीं जायेगी। क्यूंकि प्रकृति का अटल सिद्धांत है, हर अच्छे या बुरे कर्म का फल जरूर मिलता है। हम जिस नियत से काम करेंगे, फल जरूर मिलेगा। बस धैर्य बनाए रखें।
- डिस्ट्रक्शन कम करें : जब भी हम कोई काम शुरू करते हैं तो हजारों बाधाएं सामने आने लगती हैं । जो चीजें लक्ष्य में बाधक हो जैसे फोन या सोशल मीडिया या और जो कुछ भी , सब को हटा कर साइड करो।
- पॉजिटिव सोच रखें : हमेशा पॉजिटिव सोचें, जब भी हमें हमारे लक्ष्य को पूरा होने में थोड़ा अधिक समय लगने लगता है तो हम हतोत्साहित होने लगते हैं और नेगेटिव थॉट्स आने शुरू हो जाते हैं। ऐसा कुछ हो तुरन्त रोक लगाना जरूरी है। इसके लिए मोटिवेशन स्पीच सुनें।
पोस्ट पसंद आया हो तो हमें फॉलो करें साथ ही अपने दोस्तों में शेयर करें।
हमारे व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिये गए Whatsapp Button par click करें ।
हमें facebook page पर फॉलो करें ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
कृपया सकारात्मक सोच के साथ अपने अनुभव साझा करें।