Negative Soch ko Positive kaise Banaye
Negative Soch ko Positive kaise Banaye ( 7 Power Ful Tarike )
( नकारात्मक विचार (Negative Thoughts)
एक तरह से आप यह समझ सकते हो कि नकारात्मक विचार ( Negative Thoughts )आपके वे दुष्ट मित्र हैं जो दिखते तो ऐसे हैं कि आपका भला कर रहे हैं लेकिन उनका मकसद आपको, आपके मकसद में कामयाब होने से रोकना है। बे तरह तरह से आपको डराएंगे । वे हजारों ऐसे सवाल आपसे करेंगे जिनका वास्तविकता से कोई लेना देना नही होगा।
नकारात्मक विचार (Nigative Thoughts ) आपके कार्य करने की शक्ति को बहुत ही कम कर देते हैं। जितने अधिक नकारात्मक विचार आपके दिमाग में आयेंगे, उतने ही आप अपने कार्य कार्य क्षेत्र में पिछड़ जायेंगे।
Overthinking kaise Band kare ?
Negative soch ko Positive kaise Banaye ?
विचार (Thoughts ) तो आने जाने के लिए स्वतंत्र होते हैं वह तो आयेंगे भी और जायेंगे भी । हम विचारों के आने जाने पर प्रतिबन्ध नहीं लगा सकते और न ही पूरी तरह से नाकारात्मक विचारों को रोक सकते हैं लेकिन कुछ तरीके अपना कर Negative thoughts को कम कर सकते हैं और Positive Thoughts को बढ़ा सकते हैं।
Overthinking या Negative Thoughts को कम कर पाना कोई ज्यादा मुश्किल काम नही है यदि इनको सही तरीके से एक बार समझ लिया जाए।
सबसे पहले यह समझते हैं कि विचार (Thoughts) कहां से आते हैं ?
हम जिस माहौल में रहते हैं, देखते हैं, सुनते हैं, सोचते हैं या जो कुछ भी करते हैं वह सब हमारे दिमाग में मेमोरी की तरह सेव हो जाता है। और बाद में यही मेमोरी विचार बन कर उभरती है।
Negative Soch ko Positive Soch me kaise Badle
तो इस समस्या का एक ही समाधान है कि आपको अपने पूरे दिन की एक्टिविटीज पर ध्यान देना होगा। जो जो काम आपके हिसाब से गलत हैं उनको छोड़ना होगा, या भूलना होगा और उनकी जगह पर अच्छे अच्छे कार्यों को करना होगा और यह लगातार करना होगा। कुछ समय बाद आप पाएंगे कि वे विचार ( Negative thoughts)जो आपको बहुत परेशान करते थे, आना बहुत कम हो गए हैं उनकी जगह पर अब पॉजिटिव विचार ज्यादा आते हैं और अब आप अच्छा फील करेंगे।
यहां कुछ तरीके मैं आपको बता रहा हूं जो मैं फॉलो करता हूं, आपको ठीक लगें तो आप भी फॉलो कीजिए।
- सुबह जल्दी उठना : जो लोग सुबह 4 बजे के आस पास बिस्तर से उठ जाते हैं। थोड़ा वॉकिंग या एक्सरसाइज करते हैं उनका माइंड और बॉडी सुबह की फ्रेश हवा से तरो ताजा हो जाता है। हमारे शरीर और दिमाग को फ्रेश हवा की बहुत आवश्यकता होती है। इसीलिए कहा गया है "जैसा रहेगा तन, वैसा बनेगा मन" । हमारे खाने पीने से लेकर कपड़े पहनने और यहां तक की उठने बैठने और बोलने चालने जेसी सभी क्रियाओं को हमारा माइंड नोटिस करता है। और उसी के अनुसार नए नए नकारात्मक या सकारात्मक विचारों को उत्पन्न करता है।
- खुद को व्यस्त रखें: इंग्लिश में एक कहावत है " Empty Mind Is The Evils Workshop" मतलब खाली दिमाग शैतान का घर । हमेशा अपने को किन्ही अच्छे कामों में व्यस्त रखें। सच बताए जो लोग खाली बैठते हैं उन्हीं के माइंड में नकारात्मक विचार ज्यादा आते हैं।
- नकारात्मक विचारों वालों से दूर रहें: कई बार हम सब कुछ अच्छा कर रहे होते हैं लेकिन हम जिनके साथ रहते हैं वे लोग ही हमेशा निगेटिव थिंक रखते हैं। वे हमेशा ऐसा माहौल बना कर रखते हैं कि वे कुछ न कर पाए तो कोई दूसरा भी कुछ न कर सके । पॉजिटिव सोचे, पॉजिटिव देखें, पॉजिटिव बोलें। इसे एक उदाहरण से समझें : जैसे कोई गिलास है जिसमें आधा गिलास पानी है, अब हम इसको कई तरह से बोल सकते हैं जैसे आधा गिलास पानी से खाली है या आधा गिलास पानी से भरा हुआ है मतलब एक ही है लेकिन यह हमारी पॉजिटिव या नेगेटिव सोच को दर्शाता है। हर बार हमें आधे भरे हुए गिलास को देखना चाहिए नाकि आधे खाली गिलास को। इन सभी बातों को हमारा माइंड नोटिस करता रहता है और उसी के अनुसार नए विचारों को उत्पन्न करता है।
- क्रोध और निराशा से दूर रहें: ज्यादा तर नकारात्मक विचार निराशा से ही उत्पन्न होते हैं। जैसे आपका कोई बिज़नेस नही चल रहा और जैसे ही आप अपने बिज़नेस के प्रति निराशा बान हो जाते हैं तब हमारा दिमाग हजारों विचारों को एक साथ उत्पन्न करके यह सिद्ध कर देगा कि इस बिज़नेस में अब कुछ नही है जबकि उसी बिज़नेस से कुछ लोग हजारों, लाखों रुपए कमा रहे होते हैं। ऐसे विचार आने पर उन लोगों का ध्यान करें जिन लोगों ने उस फील्ड में अच्छा काम किया है या पैसा कमाया है। तुरन्त ही नेगेटिव थॉट्स आना बंद हो जायेंगे। क्रोध कम से कम करें यह भी नेगेटिव विचारों को ज्यादा जन्म देता है।
- विचारों को पहचानना सीखें: हमारे दिमाग में जब भी नकारात्मक विचार आए तुरन्त ही खुद से पूछें कि क्या यह सही है या हमारा डर है । आपने शायद एक फिल्म देखी होगी " 3 इडियट्स " जिसमें आमिर खान जब भी किसी प्रॉब्लम में होते है, वह जोर-जोर से 2-3 बार "All is well " बोलते हैं और उनका डर वाला विचार गायब हो जाता है। ऐसा नही है कि सभी नकारात्मक विचार खराब होते हैं, नकारात्मक विचार हमें सावधान करते हैं, होने वाले नुक़सान से बचाते हैं। यह तब हानिकारक हो जाते हैं जब इनकी मात्रा बढ़ जाती है। किसी को आने वाले खतरे से सावधान करना अच्छी बात है लेकिन हर समय खतरे के बारे में सोचते रहना भी तो गलत है।
- चिंता कम करें: अत्याधिक चिंता करने से भी नकारात्मक विचारों की भी अधिकता हो जाती हैं। चिंता नकारात्मक विचारों की जननी है। अगर कोई समस्या है तो उसका चिंतन करें मतलब उस समस्या का समाधान खोजें।
- Affirmations बोले:
- मेरे शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा है ।
- मैं खुश हूं ।
- मेरे साथ सब अच्छा होता है।
- मैं सदैव अच्छा सोचता हूं।
- मेरे पास खूब सारा पैसा है।
- सभी हमसे प्यार करते हैं।
- मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- भगवान बड़ा दयालु है और उसकी हम पर बहुत कृपा है।
ऐसे बहुत सारे Affirmations हैं जिनको आप बोल सकते हो। सुबह या शाम को बोलेंगे तो ज्यादा फायदा होगा।
Affirmations कैसे काम करते हैं यदि आपको नही पता है तो हम आपको बता दें।
जैसा कि मैंने आपको पोस्ट की शुरुआत में ही बताया था कि हमारा अवचेतन मन हमारी हर एक्टिविटी पर नजर रखता है और रेकॉर्ड करता रहता है। अब जैसे ही मैं कहता हु कि मैं बहुत खुश हूं। यह तुरंत रिकॉर्ड करता है और आपको खुश रखने के लिए नए नए विचारों को जन्म देना शुरू कर देता है। इस बेचारे के पास अपना कोई दिमाग नही होता कि यह जान सके कि हम झूठ बोल रहे हैं। हम जो बोलते हैं वस यह उसी पर विश्वास कर लेता है।
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