नशा कैसे छोड़े बिना किसी दबा के? इस एक तरीके से आप बड़ी आसानी से नशा मुक्त हो सकते हैं।

How to be Smoke free

पान मसाला: एक खतरनाक “फैशन” या समाज की धीमी बर्बादी ?

नशा कैसे छोड़ें आसानी से
Ai image 

आज के समय में गुटखा, पान मसाला, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट का सेवन एक आम बात बन गई है। दुख की बात यह है कि यह सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बहुत कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ लोगों के लिए यह “स्टाइल” या “फैशन” बन गया है, लेकिन असलियत में यह एक ऐसी आदत है जो धीरे-धीरे इंसान, परिवार और समाज तीनों को बर्बाद कर देती है।

      शुरुआत “मजा” में, अंत “सज़ा” में

Nashe ki Lat kaise Lagti Hai ?

   अक्सर लोग गुटखा या सिगरेट की शुरुआत मज़ाक या दोस्तों के दबाव में करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे कोई खास नुकसान नहीं होगा। लेकिन यही छोटी-सी शुरुआत धीरे-धीरे लत (Addiction) में बदल जाती है। एक बार आदत लग गई, तो इसे छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।

                पैसा भी गया, सेहत भी गई।

 नशे से होने वाले नुकसान

   गुटखा और तंबाकू खाने वाला व्यक्ति रोज़ थोड़ा-थोड़ा पैसा खर्च करता है, जो महीने और साल में एक बड़ी रकम बन जाती है और साथ ही कोई खतरनाक बीमारी लग जाए तो पूरा परिवार भयानक संकट में पड़ जाता है।

  यह पैसा अगर किसी अच्छे काम में लगाया जाए जैसे बच्चों की पढ़ाई, घर की ज़रूरतें या बचत तो जीवन बेहतर हो सकता है।

लेकिन जब आप किसी भी तरह के नशे के आदी हो जाए तब..

1. कमाई का बड़ा हिस्सा नशे में चला जाता है।

2. इलाज पर भारी खर्च होता है।

3.  परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होता जाता है।

यही कारण है कि कई बार यह आदत पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी का कारण बनती जा रही।

नशे से होने वाली बीमारी

  गुटखा, पान मसाला और तंबाकू सिर्फ आदत नहीं, बल्कि ज़हर हैं। इनके कारण कई खतरनाक बीमारियाँ होती हैं, जैसे

1. मुँह का कैंसर

2. गले का कैंसर

3. दांत और मसूड़ों की बीमारी

4.  फेफड़ों की समस्या

5.  दिल की बीमारी

एक छोटी सी पुड़िया, जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।

   समाज और पर्यावरण पर बुरा असर

नशे से होने वाले समाज पर प्रभाव

  सबसे दुखद बात यह है कि लोग जहाँ तहाँ थूककर अपने ही देश को गंदा कर रहे हैं। सड़कें, दीवारें, सरकारी दफ्तर, बस-स्टैंड कोई जगह साफ नहीं बची है।

जिस मातृभूमि को हमें साफ और सुंदर रखना चाहिए, हम उसी को गंदा कर रहे हैं। यह सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सोच का भी आईना है।

          परिवार पर असर

जब घर का कोई सदस्य नशे का आदी होता है, तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है:

1. बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है

2.  घर में तनाव बढ़ता है

3.  आर्थिक संकट गहराता है

बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने बड़ों को

 करते हुए देखते हैं।

      नशे की लत कैसे छोड़े

 मैंने देखा है कि जब लोग नशे के जाल में फस जाते हैं तब कई बार वह उससे छुटने का प्रयास करते हैं लेकिन बिफल रहते हैं तो इससे बचने के दो तरीके मैं आपको बता रहा हूं।

  पहला तरीका उन लोगों के लिए है जिनकी इच्छा शक्ति थोड़ी कमजोर है मतलब वह प्रयाश तो करेंगे लेकिन 2 या 3 दिन बाद टूट जाते हैं, शरीर में थोड़ी सी भी दिक्कत होते ही वह नशा करने दौड़ने लगेंगे, मतलब अपने माइंड और बॉडी पर उनका कन्ट्रोल थोड़ा कम है।

1 . अगर एक दिन में 10 बार गुटखा या तंबाकू लेते हैं 

 पहले दिन और दूसरे दिन 9 बार खाओ

तीसरे और चौथे दिन 8 बार खाओ

पांचवे और छठे दिन 7 बार खाओ 

सातवें और आठबे दिन 6 बार खाओ 

( गुटखा का मैंने एक उदाहरण दिया है, आप जो भी नशा करते है उसको इसी हिसाब से कम करना चाहिए)

इसी हिसाब से हर 2 दिन में एक गुटखा कम कर दो और इसका हिसाब आपको याद रखना ही होगा , आपका माइंड बहुत बार आपको कहेगा कि कोई बात नहीं आज 1 ज्यादा खा ले, यहाँ कौन देख रहा, अगर माइंड की इस चाल में आप फंसे, तो फिर कभी निकल नहीं पाओगे।

इससे धीरे-धीरे दिमाग और शरीर दोनों को पता ही नहीं चलता है और आप नशा मुक्त हो जाते हैं।

2. “ट्रिगर” पहचानो (कब मन करता है)

हर नशे के पीछे एक समय या कारण होता है

चाय के साथ

दोस्तों के साथ

खाली बैठते समय

तनाव में

उस समय कुछ और करो

सौंफ, इलायची खाओ

पानी पियो

3.  दिमाग को समझाओ, सिर्फ रोको मत

नशा छोड़ना सिर्फ शरीर का नहीं, दिमाग का खेल है। जब मन करे  खुद से बोलो यह 5 मिनट का मज़ा है, लेकिन नुकसान जिंदगी भर का है।

मन को बार-बार समझाने से ही बदलाव आता है।

4.  21 दिन का नियम अपनाओ

वैज्ञानिक रूप से आदत बदलने में 21 दिन लगते हैं।

            लक्ष्य बनाओ।

      “बस 21 दिन नहीं लूंगा

फिर देखो आदत काफी कमजोर हो जाती है।

5.  शरीर और दिमाग को दूसरे कामो में व्यस्त रखो

खाली दिमाग मतलब शैतान का घर।

20–30 मिनट चलना

हल्का व्यायाम

कोई काम या सीखना

जितना व्यस्त रहोगे, उतना कम मन करेगा।

सबसे बड़ी सच्चाई

 नशा छोड़ना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

 हारना तब होता है जब कोशिश बंद हो जाए

2. अब दूसरा तरीका क्या है ?

इसमें 1 सख्त निर्णय लेना होता है। इस वाले तरीके में मजबूत इच्छाशक्ति चाहिए होती है।

 इस प्लान में आपको एक दम एक निर्णय यह लेना होगा ।

आपको अपने आपको यह बताना होगा कि आज डेट(जो भी डेट उस दिन हो)को अभी से मैं गुटखा या जो भी नशा करते हैं बंद करता हु। मतलब आपको दृढ़ प्रतिज्ञा करनी होगी और उस डेट को लिख कर अपनी पर्स में रख ले या आपका कोई दुकान या ऑफिस है तो अपने मुख के सामने उस डेट को लिख देना चाहिए।

अब इससे क्या होगा जब भी आपको नशा करने का मन करे उस डेट को देखिए । जैसे जैसे दिन बढ़ते जाएंगे आपका कॉन्फिडेंस बढता जाएगा कि आप नशा छोड़ सकते हैं।

पहले और दूसरे दिन आपको शरीर में बहुत प्रॉब्लम सी महसूस होगी पर आपको हारना नहीं है जैसे ही चार या पांच दिन बीत जायेगे तो आप समझ लो कि आप जंग जीतने वाले है। फिर आगे की लड़ाई इतनी कठिन नहीं है।

डेट को जब भी आप देखेंगे,आप अपने आप में एक गजब का उत्साह देखेंगे।

जैसे ही 21 दिन बीत जाए बिना नशा किए आप मन लो कि आपने नशा छोड़ दिया है।

समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है अभी आपको नशा कराने वाले आपके दोस्त और रिश्तेदार बहुत मिलेंगे जो अजीब तरह की आपके बारे में बातें करेंगे,

वे कहेंगे कि कंजूस हो गया है, कोई बात नहीं हमारे पैसों से पी लो या खा लो , लेकिन यहां पर आपको कुछ बोले बिना जितना जल्दी हो सके वहां से निकल लेना है और अपनी डेट देखकर बोलना है कि बच गए।

धन्यवाद प्रभु।

इसी तरह जब आप पार्टी में जाओगे तो आपका मन बहुत करेगा।

लेकिन हर बार अपनी डेट देखना है और हिसाब लगाना है कि आज पी ली तो नियम टूट जाएगा और इतने दिन की सारी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।

याद रखिये जिस दिन यह नियम टूट गया उस दिन के बाद फिर आपको दुबारा से नशा करने के लिए कोई रोक नहीं पाएगा । मतलब जिस खाई से निकलने में आपने इतनी मेहनत की वह सब बर्बाद हो जाएगी।

ब्लॉग पसंद आया हो तो हमें फॉलो करें।

धन्यवाद।

टिप्पणियाँ

Popular Posts

How to Solve Marriage Problems in Hindi

Negative Soch ko Positive kaise Banaye

How to Become Rich in India

Garib Log Amir Kaise Bane