नशा कैसे छोड़े बिना किसी दबा के? इस एक तरीके से आप बड़ी आसानी से नशा मुक्त हो सकते हैं।
How to be Smoke free, नशा कैसे छोड़ें बिना दवाई के ?
पान मसाला: एक खतरनाक “फैशन” या समाज की धीमी बर्बादी ?
![]() |
| Smoking-Free-image |
आज के समय में गुटखा, पान मसाला, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट का सेवन एक आम बात बन गई है। दुख की बात यह है कि यह सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बहुत कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
कुछ लोगों के लिए यह स्टाइल या फैशन बन गया है, लेकिन असलियत में यह एक ऐसी आदत है जो धीरे धीरे इंसान, परिवार और समाज तीनों को बरवाद कर रही है।
यह भी पढ़ें 👇
👉Nashe ki Lat kaise Lagti Hai ?
शुरुआत मजा में, अंत सज़ा में
अक्सर लोग गुटखा या सिगरेट की शुरुआत मज़ाक या दोस्तों के दबाव में करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे कोई खास नुकसान नहीं होगा। लेकिन यही छोटी-सी शुरुआत धीरे-धीरे लत (Addiction) में बदल जाती है। एक बार आदत लग गई, तो इसे छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें 👇
Over thinking कैसे रोकें ? निगेटिव सोच को पॉजिटिव कैसे बनाए
👉 नशे से होने वाले नुकसान
गुटखा और तंबाकू खाने वाला व्यक्ति रोज़ थोड़ा-थोड़ा पैसा खर्च करता है, जो महीने और साल में एक बड़ी रकम बन जाती है और साथ ही कोई खतरनाक बीमारी लग जाए तो पूरा परिवार भयानक संकट में पड़ जाता है।
यह पैसा अगर किसी अच्छे काम में लगाया जाए जैसे बच्चों की पढ़ाई, घर की ज़रूरतें या बचत में, तो जीवन बेहतर हो सकता है।
लेकिन जब आप किसी भी तरह के नशे के आदी हो जाए तब..
- कमाई का बड़ा हिस्सा नशे में चला जाता है।
- इलाज पर भारी खर्च होता है।
- परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होता जाता है।
यही कारण है कि कई बार यह आदत पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी का कारण बनती जा रही है।
👉नशे से होने वाली बीमारियां
गुटखा, पान मसाला और तंबाकू सिर्फ आदत नहीं, बल्कि ज़हर हैं। इनके कारण कई खतरनाक बीमारियां होती हैं, जैसे
- मुँह का कैंसर
- गले का कैंसर
- दांत और मसूड़ों की बीमारी
- फेफड़ों की समस्या
- दिल की बीमारी
एक छोटी सी पुड़िया, जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।
👉नशे से होने वाले समाज पर प्रभाव
समाज और पर्यावरण पर बुरा असर: सबसे दुखद बात यह है कि लोग जहां तहां थूककर अपने ही देश को गंदा कर रहे हैं। सड़कें, दीवारें, सरकारी दफ्तर, बस-स्टैंड कोई जगह साफ नहीं बची है।
जिस मातृभूमि को हमें साफ और सुंदर रखना चाहिए, हम उसी को गंदा कर रहे हैं। यह सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सोच का भी आईना है।
परिवार पर असर
जब घर का कोई सदस्य नशे का आदी होता है, तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है:
1. बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है
2. घर में तनाव बढ़ता है
3. आर्थिक संकट गहराता है
बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने बड़ों को करते हुए देखते हैं।
यह पोस्ट भी पढ़ें 👇
अच्छे कपड़े क्यों पहनने चाहिए? क्या ये आपकी जिंदगी बदल सकते हैं ?
👉नशे की लत कैसे छोड़े ?
मैंने देखा है कि जब लोग नशे के जाल में फस जाते हैं तब कई बार वह उससे छोड़ने का प्रयास करते हैं लेकिन विफल रहते हैं तो इससे बचने के दो तरीके मैं आपको बता रहा हूं।
पहला तरीका उन लोगों के लिए है जिनकी इच्छा शक्ति थोड़ी कमजोर है।
1 . अगर एक दिन में 10 बार गुटखा या तंबाकू लेते हैं
पहले दिन और दूसरे दिन 9 बार खाओ
तीसरे और चौथे दिन 8 बार खाओ
पांचवे और छठे दिन 7 बार खाओ
सातवें और आठवें दिन 6 बार खाओ
इसी तरह थोड़ा थोड़ा कम करके अंत में बंद कर दो।
( गुटखा का मैंने एक उदाहरण दिया है, आप जो भी नशा करते है उसको इसी हिसाब से कम करना चाहिए)
इसी हिसाब से हर 2 दिन में एक गुटखा कम कर दो और इसका हिसाब आपको याद रखना ही होगा , आपका मन बहुत बार आपको कहेगा कि कोई बात नहीं आज 1 ज्यादा खा ले, यहां कौन देख रहा, अगर मन की इस चाल में आप फंसे, तो फिर कभी निकल नहीं पाओगे।
इससे धीरे-धीरे दिमाग और शरीर दोनों को पता ही नहीं चलता है और आप नशा मुक्त हो जाते हैं।
2. समय को पहचानो (कब मन करता है)
हर नशे के पीछे एक समय या कारण होता है
- चाय के बाद
- दोस्तों के साथ
- खाली बैठते समय
- तनाव में
उस समय कुछ और करो। सौंफ, इलायची खाओ या पानी पियो।
3. दिमाग को समझाओ, सिर्फ रोको मत
नशा छोड़ना सिर्फ शरीर का नहीं, दिमाग का खेल है।
जब मन करे नशा करने का
- खुद से बोलो यह 5 मिनट का मज़ा है, लेकिन नुकसान जिंदगी भर का है।
- मन को बार-बार समझाने से ही बदलाव आता है।
4. 21 दिन का नियम अपनाओ
वैज्ञानिक रूप से आदत बदलने में 21 दिन लगते हैं। लक्ष्य बनाओ बस 21 दिन नशा नहीं करूंगा। फिर देखो मन काफी कमजोर हो जाता है।
5. शरीर और दिमाग को दूसरे कामों में व्यस्त रखो
- खाली दिमाग मतलब शैतान का घर।
- 20–30 मिनट चलना
- हल्का व्यायाम
- कोई काम या सीखना
- जितना व्यस्त रहोगे, उतना कम मन करेगा।
सबसे बड़ी सच्चाई : नशा छोड़ना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। हारना तब होता है जब कोशिश बंद हो जाए।
2. अब दूसरा तरीका क्या है ?
इसमें एक दृढ़ प्रतिज्ञा करनी होगी। इस वाले तरीके में मजबूत इच्छाशक्ति चाहिए होती है।
आपको एक प्रतिज्ञा करनी होगी कि आज दिनांक (जो भी डेट उस दिन हो)को अभी से मैं गुटखा या जो भी नशा करते हैं उसको बंद करता हु, और पूरे जीवन नशा न करने की प्रतिज्ञा करता हूं।
प्रतिज्ञा में बहुत शक्ति होती है। इतिहास में इसके कई उदाहरण मिलते हैं। जब जब किसी ने दृढ़ प्रतिज्ञा की वह पूरी हुई है।
जिस दिन आपने यह प्रतिज्ञा की उस दिनांक को लिख कर अपनी पर्स में रख ले, या आपका कोई दुकान या ऑफिस है तो अपने मुख के सामने उस तारीख को लिख देना चाहिए।
अब इससे क्या होगा जब भी आपको नशा करने का मन करे उस तारीख को देखिए । जैसे जैसे दिन बढ़ते जाएंगे आपका कॉन्फिडेंस बढता जाएगा और आपको लगेगा कि आप जीत रहे हैं, और आपका मन हार रहा है। आप नशा छोड़ सकते हैं।
पहले और दूसरे दिन आपको शरीर में थोड़ी दिक्कत महसूस होगी । पर आपको हारना नहीं है जैसे ही चार या पांच दिन बीत जायेगे तो आप समझ लो कि आप यह जंग जीतने वाले है और आपका मन हारने वाला है। फिर आगे की लड़ाई इतनी कठिन नहीं है।
तारीख को जब भी आप देखेंगे या याद करेंगे, आप अपने आप में एक गजब का उत्साह देखेंगे।
जैसे ही 21 दिन बीत जाए बिना नशा करे , आप मन लो कि आपने नशा छोड़ दिया है।
समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है अभी आपको नशा कराने वाले आपके दोस्त और रिश्तेदार बहुत मिलेंगे जो अजीब तरह की आपके बारे में बातें करेंगे।
वे कहेंगे कि कंजूस हो गया है। कोई बात नहीं हमारे पैसों से पी लो या खा लो , लेकिन यहां पर आपको कुछ बोले बिना जितना जल्दी हो सके वहां से दूर हो जाना है और अपनी तारीख देखकर बोलना है कि बच गए।
धन्यवाद प्रभु।
इसी तरह जब आप पार्टी में जाओगे तो आपका मन बहुत करेगा।
लेकिन हर बार अपनी तारीख और प्रतिज्ञा याद रखनी है आपको, और सोचना है कि आज नशा किया तो प्रतिज्ञा टूट जाएगी और इतने दिन की सारी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
याद रखिए जिस दिन यह प्रतिज्ञा टूट गई , उस दिन के बाद फिर आपको दुबारा से नशा करने से कोई रोक नहीं पाएगा । आपका मन फिर से आप पर हावी हो जाएगा।
मतलब जिस खाई से निकलने में आपने इतनी मेहनत की वह सब बर्बाद हो जाएगी।
ब्लॉग पसंद आया हो तो किसी जरूरत मंद को शेयर जरूर करें।
आपका एक शेयर किसी की जिंदगी बचा सकता है।
इसी तरह की Personal Improvement के लिए हमें फॉलो जरूर करें।
आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
कृपया सकारात्मक सोच के साथ अपने अनुभव साझा करें।