Man ko Shant kaise kare

Dimaag (Man)ko Shant kaise Rakhe | मन को शांत कैसे करे

कई बार कोई समस्या न होने पर भी आपका मन अशांत रहता है। आपको लगता है कि दुनिया की सारी समस्याओं ने आपको घेर रखा है। दुनिया मौज ले रही है और आप परेशान हैं। आपका भाग्य ही खराब है ऐसा आप सोचने लगते हैं।

इस तरह के हजारों विचार आपके मन में रोज आते हैं और आपको परेशान करके चले जाते हैं। ऐसे विचार आपको अंदर से इतना कमजोर कर देते हैं कि अच्छे खासे शरीर में लगता है जान ही नहीं है।कोई काम करने का मन नही करता।

इस स्थिति वाले मन को कैसे शांत करें, निगेटिव थॉट्स कैसे हटाएं ? इसी टॉपिक को कवर करने का प्रयास करेंगे आज के इस ब्लॉग में।


How to control mind
मन को कैसे शांत करें (Ai Image)


Man kya hai |Man ko Control Kaise Kare 

मन ( Mind) आपके शरीर का बहुत ही शक्तिशाली अदृश्य अंग है।
जो इन्द्रियों के घोड़ों पर सवार होकर ,  इंद्रियों के विषयों के पीछे पीछे भागता रहता है। विषय सदा इसे अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं।

विषयों के आकर्षण के कारण यह नए नए विचारों को उत्पन्न करता है फिर उन विचारों के माध्यम से इंद्रियों की इच्छा पूर्ति के लिए प्रयास करता रहता है। आपका मन, विचार सही है या गलत उसमें भेद नहीं कर पाता । सही गलत का भेद करना बुद्धि का काम है।

अब आप कहेंगे कि बुद्धि क्या है तो बुद्धि आपके पूर्व कर्मों के विचारों का संग्रह है । जैसे आपने आज कोई काम किया उस काम में आपको नुक़सान हुआ, तो नुक़सान क्यों हुआ ? , कैसे हुआ ? यह विचार फिर आपकी माइंड की मेमोरी में फीड हो जाएगा ।

जब आप दुबारा बही काम करेंगे तो आपकी बुद्धि यानि पहले वाले विचार आपको आ कर चेताएंगे। अगर आप बुद्धि की बात मान गए तो  फिर से होने वाले नुकसान से आप बच जायेंगे। 


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Man ko Control kaise kare । Stress Free Kaise Rahe

मन (Mind)  शरीर का कोई ऐसा अंग नही है जिसे पकड़ा जा सके। और न ही कोई ऐसा तरीका है जो आज किया और कल से मन शांत हो जाएगा। इसको तो पूरे जीवन समझाना पड़ेगा जैसे आप अपने 4 या 5 साल के बच्चे को समझाते हैं।

हा एक बात है, यह बच्चा ( मन ) एक बार सही रास्ते पर आ गया तो फिर ज्यादा तंग नहीं करेगा और आप जो कहोगे बही करेगा।

इसको एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए एक व्यक्ति है जिसको मिठाई खाना बहुत पसंद है। उसने किसी से यह भी सुन रखा है कि ज्यादा मिठाई खाने से कई बीमारियां भी हो सकती हैं। लेकिन जब भी उसकी आंख (इंद्री) मिठाई यानि विषय को देखती है तब दूसरी इंद्री यानि जीभ को तुरन्त उसका स्वाद याद आता है

अब उसका माइंड यानि मन कहेगा चलो मिठाई खा लेते हैं, तुरन्त बुद्धि बीच में आएगी और रोकने का प्रयास करेगी, तुम पहले ही मिठाई ज्यादा खा चुके हो,अब मत खाओ शुगर की समस्या हो जाएगी।

अब यही से आपका मन शांत या अशांत होना शुरु होगा। यदि आपने बुद्धि की बात मानी तो मन कमजोर होगा और बुद्धि को थोड़ा बल मिलेगा और यदि आपने मन की बात मानी तो बुद्धि कमजोर होगी और मन आप पर हावी होगा।

इसी तरह हर बार आप बुद्धि की बात न मान कर मन को बढ़ावा दे देते हो। फिर मन धीरे धीरे बलवान होता जाता है बो आपसे बो सभी काम करवाता है जो आपको नही करना चाहिए।

क्यूंकि मन को सही गलत में भेद करना नहीं आता वह तो सिर्फ इंद्रियों के तृप्त करने में लगा रहता है। बुद्धि को जब आप ज्यादा इग्नोर करते हो तो वह भी अच्छे सुझाव देना बंद कर देती है।


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Man ko kaise Samjhaye Aur Tension Free Life Kaise Jiye

मन में विचार तो आयेंगे उनको कोई रोक नहीं सकता । सिर्फ यह किया जाए कि विचार अच्छे आए जिससे हमारी जिंदगी आसान हो जाए और मन शांत रहे ।
  • एकांत में बैठ कर अपनी पुरानी भूलों को रिवाइंड करें और सोचें कि बुद्धि ने हमें मना किया था लेकिन हमने मन की बात मान कर अपना यह नुकसान किया अब आगे से बुद्धि की बात को फर्स्ट प्रायरिटी दी जाएगी। जो सही होगा बही करेंगे गलत नहीं करेंगे।
  • जब भी मन किसी गलत विषय की तरफ आकर्षित करे तुरंत मन को बोलो, क्यों गुरू फिर से फसाने का प्रयास कर रहे हो। अब तुम्हारी नहीं सुनी जाएगी। मन तुरन्त शांत हो जाएगा।
  • एक कहावत आपने सुनी होगी " जैसा खाए अन्न, बेसा बने मन '' तो भैया साफ स्वच्छ खाओ। साफ स्वच्छ रहो। आप लाख प्रयास कर लो अगर खाना पीना सही नही हुआ तो मन पर कभी भी काबू नहीं पा सकते।
  • सुबह जल्दी उठ कर व्यायाम करने से भी मन को शांति मिलती है क्योंकि सुबह की हवा शरीर में पॉजिटिव एनर्जी  भर देती है जो हमारे पूरे दिन काम आती है।
  • अध्यात्म से जुड़े, मन को का शांत करने का यह सबसे कारगर उपाय है क्योंकि रामायण और भागवत गीता में इसे बड़े अच्छे से स्वयं जगद्गुरु परमात्मा श्री राम और श्री कृष्ण ने समझाया है उनसे अच्छा कोई नही समझा सकता है।
  • अच्छे अच्छे आध्यात्मिक कार्यक्रमों में जाओ, मन को शांति मिल जाएगी , अपने पूजा ग्रह में थोड़ी देर शांत चित्त हो कर जरूर बैठें और प्रभु से मन की शांति के लिए प्रार्थना करें।
  • बार बार पुरानी बातों को न सोचे,जो हो गया सो हो गया, हो सकता है ईश्वर ने इसी बहाने आपको अपने पास बुलाया हो।
  • हमेशा पॉजिटिव सोचे, जो होता है ईश्वर की मर्जी से होता है,जो अपने हाथ में नही उसे ईश्वर के हाथ में सौप देना चाहिए।
  • एक बात ध्यान देने वाली यह है कि मन को आपको पूरे जीवन समझाना पड़ेगा, जहां पर आपने ढील दी वो बही से यू टर्न ले लेगा। भले ही आप 80 साल के हो जाओ इन्द्रियों के विषय सदा सर्वदा अपनी ओर आकर्षित ही करते रहेंगे।
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