Pahle Log Itna Healthy Kaise Rahte the
पहले लोग इतना स्वस्थ कैसे रहते थे ? अब क्यों नहीं ?
पहले के लोग सादा भोजन खा कर भी स्वस्थ रहते थे, लेकिन आज कल हर सुविधा होने के बावजूद भी इंसान बीमार है।
आखिर ऐसा क्या बदल गया जिसकी वजह से लोग इतना बीमार रहते हैं ?
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| पहले और आज के इंसान के स्वास्थ्य में अंतर को दिखाते हुए |
पुराने जमाने में लोग स्वस्थ जीवन कैसे जीते थे?
शायद आपको विश्वास न हो, हमारे एक मित्र हैं, उनके पिता जी की उम्र 78 वर्ष है। वे इस उम्र में भी अपने खेतों की रखवाली और छोटे मोटे काम करते रहते हैं। आंखों पर चश्मा भले ही चढ़ गया हो लेकिन शरीर में कोई रोग नहीं। एक दम स्वस्थ और मस्त रहते हैं।
एक दिन हमने उनसे पूछा: चाचा जी, इतनी उम्र में आप एक दम फिट कैसे रहते हो ?
तो उन्होंने जबाव दिया: बेटा, आज तक मैंने समोसा नही खाया। मैं सिर्फ घर का बना भोजन खाता हूं,। चाहे देसी घी से मिले या नमक रोटी।
सोचो, जिसने आज तक समोसा न खाया हो वह अपने स्वास्थ्य के प्रति कितना जिम्मेदार होगा। क्या ऐसे व्यक्ति को कोई रोग छू पाएगा ?
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आइए जानते हैं कि पुराने समय में लोग स्वस्थ रहने के लिए क्या क्या उपाय करते थे ?
1. सुबह जल्दी उठना : पुराने समय में स्वस्थ रहने के लिए लोग सुबह 4 बजे हर हाल में बिस्तर से उठ जाते थे और अपने अपने कामों पर लग जाते थे। इससे लोग सुबह की ताजी हवा में सांस लेते थे और व्यायाम भी हो जाता था।
सुबह की ताजी हवा में एक असीम ऊर्जा होती है जो पूरे दिन आपको तरो ताजा रखती है। साथ ही साथ जल्दी उठने से सारे काम समय से निपट जाते थे जिससे वे अच्छा महसूस करते थे। समय से जब सब काम निपट जाते हैं तो मन प्रसन्न रहता है।
2. प्रकृति आहार: पहले के लोग हेल्थी रहने के लिए प्रकृति आहार जैसे मौसमी फल, सत्तू और मोटे अनाज का सेवन करते थे। दलिया, चना जैसी चीजें उनके मुख्य खाद्य पदार्थ थे।
3. पैदल चलना: पहले के लोगों के पास परिवहन का कोई खास साधन न होने के कारण वे पैदल ही चलते थे या फिर साइकिल चलाते थे। और स्वास्थ्य के लिए 3 से 4 किलो मीटर प्रतिदिन पैदल चलना बहुत जरूरी है।
4. समय से खाना, समय से सोना : पहले के लोग सिंपल रहते थे, जो उनके पास जो होता उसी में संतोष कर लेते थे। आज की तरह ज्यादा पाने के लिए रात रात भर फैक्ट्रियों में जागते नहीं थे। वे समय से सोते और समय से जागते थे। इससे उनके शरीर के हार्मोन्स और अन्य केमिकल संतुलित रहते थे।
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आजकल हर कोई बीमार क्यों है?
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| आज कल लोग ज्यादा बीमार क्यों हो रहे हैं? |
1. खाने का कोई नियम नहीं: एक कड़वी हकीकत है,आज कल हम लोग जो कुछ भी खाते या पीते हैं वह सिर्फ अपने जीभ के स्वाद के लिए खाते हैं, नाकि अपने स्वास्थ्य के लिए।
जीभ के स्वाद के लिए हमने अपने पेट को कूड़ा दान बना लिया है। जो मिला, बस खा लिया। इससे कोई मतलब नही कि जो खा रहे हैं वह नुक़सान करेगा या फायदा। बस पेट खाली नहीं रहना चाहिए।
समय की भी कोई परवाह नहीं, सुबह का खाना 9 बजे तक और शाम का सूर्यास्त से पहले हो जाए तो सबसे ठीक रहता है।
लेकिन हम सुबह वाला खाना दिन के 2 बजे और शाम वाला रात के 11 बजे ही खायेंगे।
इससे जब हमारे शरीर को भोजन की जरूरत होती है तब पेट खाली रहता है और जब शरीर को आराम की जरूरत होती है तब उसे खाना पचाने का काम दे दिया जाता है।
2. सोने, जागने का गलत समय : सुबह उठने का समय सुबह 4 बजे और रात को सोने का समय 10 बजे होना चाहिए। लेकिन लोग सुबह 9 बजे उठते हैं और रात में 2 बजे सोते हैं। कुछ लोगों की यह मजबूरी हो सकती है लेकिन प्रयास यही होना चाहिए कि समय से सोए और समय से जागे।
3. मसाले दार खाना: आज कल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए अनेकों मसाले डाले जाते हैं। मसाला खाने के स्वाद को तो बढ़ाता ही है स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा या गलत मिश्रण, गैस और एसीडीटी का कारण बनती है।
4. शारीरिक मेहनत का घट जाना: आज कल इंसान शारीरिक मेहनत पहले के मुकाबले बहुत कम करता है। जहां पहले आदमी 6 से 7 किलो मीटर प्रतिदिन पैदल चलता था, अब पूरे दिन में 1 किलो मीटर भी नही चलना चाहता।
इसी तरह हर काम के लिए मशीन आ गई है। आज कल इंसान का दिमाग सबसे ज्यादा चलता है। बाकी शरीर के अन्य अंगों की एक्सरसाइज भी नहीं हो पाती।
5. पैकेट फूड: पैक्ड फूड का बाजार इतना बढ़ गया है कि आप न चाहते हुए भी हर समय कुछ न खाने के लिए लालायित होते रहते हैं। आप कही भी हों, ट्रेन या बस, खाना हर जगह उपलब्ध है। हर समय खाते रहने से, और साफ सफाई का ध्यान न रखने से रोग बढ़ते हैं।
6. नशीले पदार्थों का सेवन: आज कल हर आदमी किसी न किसी प्रकार के नशे का आदी हो गया है। धूम्रपान और मादक पदार्थों के इतने ब्रांड आ गए हैं कि पूरा मार्केट भरा पड़ा है। और यह बड़ी सुगमता से हासिल भी हो जाते हैं। इससे बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं।
7. प्रदूषण: हवा हो या पानी, कुछ भी शुद्ध नहीं रहा। फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और लाखों गाड़ियां, डेली सड़कों पर उतर कर वायु प्रदूषण बढ़ा रही हैं। इससे भी लोग बीमार हो रहे हैं।
8. खाने पीने की वस्तुओं में शुद्धता की कमी: दूध, घी , तेल जैसी बहुत जरूरी चीजों में मिलावट करने लगे हैं लोग। अधिक लालच के चलते बाजार में खाने पीने का नकली सामान बहुत अधिक आने लगा है। इससे भी लोग बीमार हो रहे हैं।
9. घरेलू कलह : घरेलू कलह की वजह से लोग मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं और शांति खो रहे हैं। घरेलू कलह की वजह से भी लोग बीमार हो रहे हैं।
10. कचरा: आज कल बाजार से जितनी भी वस्तुएँ आ रही हैं सब पैक्ड होती हैं। लोग प्रोडक्ट तो उपयोग कर लेते हैं पर उसके खाली रैपर को सही से डिस्ट्रॉयड नहीं करते हैं। इससे हर जगह कचरे की भरमार हो रही है जो नई नई बीमारियों को जन्म देता है। इससे भी लोग बीमार हो रहे हैं।
ऐसे और भी बहुत से कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं।
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स्वस्थ रहने के 10 बेस्ट तरीके हिंदी में
1. संतुलित भोजन: जिन जिन चीजों को आप खाते या पीते हैं उन वस्तुओं की आज एक लिस्ट बनाओ और देखो कौन कौन सी चीजें आपके स्वास्थ्य को हानि पहुंचा रही हैं उन्हें लिस्ट से तुरन्त हटा दो।
जैसे चाय, चावल, चीनी,गुटखा, बीड़ी, सिगरेट या शराब। उनकी जगह पर मौसमी फल, हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट्स या मोटे अनाज जैसे चना, मूंगफली, सोयाबीन को ऐड कर लो। आप अपने हिसाब से इस लिस्ट को तैयार करो।
यदि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं को आप छोड़ नही सकते या आपके मन पर आपका बिलकुल भी कंट्रोल नहीं है तो अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना करना भी बेकार है।
2. समय से भोजन करना : सुबह का भोजन, सुबह 9 बजे तक और शाम का सूर्यास्त से पहले या उसके आस पास हो जाए तो सबसे अच्छा रहता है। रात में देर से खाना खाना, सबसे ज्यादा नुक़सान करता है क्योंकि जब हम लेट खाना खाते हैं और तुरन्त सो जाते हैं तो वह भोजन ठीक से पचता ही नही और सुबह कब्ज का कारण वन जाता है। शाम को भोजन की मात्रा कम रखें। भोजन करते समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
यदि पॉसिबल हो तो एक व्रत ( फास्ट ) जरूर रखें। यह शरीर के अंदर जमा हुई एक्स्ट्रा चारवी को कम कर देता है। व्रत ओवर वेट को भी मेंटेन करता है।
3. पानी का विशेष ध्यान: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से हमारा शरीर साफ रहता है और कई प्रकार की बीमारियों से बचाव करता है। पानी की स्वच्छता का ध्यान जरूर रखें।
4. सुबह जल्दी उठें: सुबह जल्दी उठने से शरीर में कई चमत्कारिक परिवर्तन होते हैं। सुबह जल्दी उठने वाले को कब्ज की शिकायत कभी नही हो सकती है जोकि आज के समय में एक आम समस्या है।
सुबह जल्दी उठने से स्वपन दोष की भी समस्या का समाधान हो जाता है।
सुबह का शांत वातावरण, दिमाग और शरीर दोनों को ताजगी देता है। सुबह जल्दी उठने से दिन की शुरुआत सकारत्मक होती है।
5. व्यायाम जरूर करें: आज कल शारीरिक मेहनत बहुत कम हो गई है हर काम मशीनों के द्वारा किया जाने लगा है। इसलिए व्यायाम बहुत जरूरी है।
6. भरपूर सोएं: एक व्यक्ति को प्रतिदिन 7 से 8 घंटे सोना अति आवश्यक है। अच्छी नींद शरीर को ऊर्जा से भर देती है और मानसिक तनाव कम करती है।
7. नशे से दूर रहें: शराब, बीड़ी, सिगरेट सभी प्रकार के नशे से दूर रहे।
8. सकारात्मक सोचें: हर समय नकारात्मक विचार या Overthinking कई प्रकार के मानसिक और शारीरिक रोगों को जन्म देती है इसलिए हमेशा सकारत्मक सोच रखें।
9. मोबाइल और स्क्रीन का लिमिटेड उपयोग: लगातार मोबाइल देखने से आंखों और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। आंखों में रोशनी कम होने की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। कुछ समय बिना मोबाइल के भी रहने की आदत डालें।
10. पैक्ड फूड कम खाए: आज कल खाने और पीने की वस्तुओं का सामान हर जगह मिल जाता है। इससे लोग कुछ न कुछ हर समय खाते या पीते ही रहते हैं। जोकि शरीर के लिए बहुत हानिकारक है।
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