नया काम शुरू करने से पहले ‘लोग क्या कहेंगे’ का डर कैसे छोड़ें? जाने 4 आसान उपाय।

लोग क्या कहेंगे? एक ऐसा डर जो लाखों सपनों को जन्म लेने से पहले ही मार देता है।

शायद आपने कोई बिजनेस शुरू करने की सोची हो, यूट्यूब चैनल बनाने का मन हुआ हो, या फिर किसी नए करियर की शुरुआत करने की इच्छा हुई हो लेकिन उससे पहले ही मन में कई तरह के डर पैदा हो जाते हैं जैसे...
  • लोग क्या कहेंगे?
  • दोस्त मेरा मजाक उड़ाएंगे।
  • रिश्तेदार क्या सोचेंगे?
  • कहीं लोग मुझे बेवकूफ न समझें।
  • कहीं मैं सफल न हो पाया तो।
नया काम शुरू करने का डर कैसे छोड़े
लोग क्या कहेंगे का डर छोड़ें (Ai image)

सच कहूं तो जीवन में सबसे अधिक सपने किसी कठिनाई की वजह से नहीं टूटते, बल्कि "लोग क्या कहेंगे" वाली मानसिकता की वजह से टूटते हैं।

मैंने अपने जीवन में ऐसे बहुत से लोगों को देखा है जिनके पास प्रतिभा थी, मेहनत करने की क्षमता थी, लेकिन वे केवल इसलिए आगे नहीं बढ़ पाए क्योंकि वे दूसरों की राय से डरते रहे।

इस लेख में हम समझेंगे कि लोग क्या कहेंगे का डर पैदा क्यों होता है और इससे बाहर निकलने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है ?

लोग क्या कहेंगे का डर आखिर पैदा क्यों होता है?

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। हजारों साल पहले समूह में रहना हमारी सुरक्षा के लिए जरूरी था। इसलिए हमारे दिमाग में यह प्रवृत्ति विकसित हुई कि हम दूसरों की स्वीकृति चाहते हैं।

यही कारण है कि जब भी हम कुछ अलग करने की सोचते हैं, हमारा दिमाग खतरे का संकेत देने लगता है।

लेकिन अब समय बदल चुका है। अब जीवित रहने के लिए लोगों की स्वीकृति नहीं, बल्कि सही निर्णय निर्णय लेने की जरूरत हैं।

हमारा मन पुराने पैटर्न पर काम क्यों करता रहता है।

सबसे बड़ा भ्रम: लोग उतना नहीं सोचते जितना हम सोचते हैं।
एक बात समझ लीजिए, हम अक्सर यह मान लेते हैं कि दुनिया हमें देख रही है। हर व्यक्ति हमारी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। लेकिन वास्तविकता बिल्कुल अलग है।

सच्चाई यह है कि अधिकांश लोग अपनी ही समस्याओं, चिंताओं और संघर्षों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें आपके बारे में सोचने का समय ही नहीं मिलता।

जिस बात को लेकर आप कई दिनों से परेशान हैं, संभव है कि दूसरे व्यक्ति ने उस पर कुछ सेकंड भी न सोचा हो।

इसलिए "लोग क्या कहेंगे" का बहुत बड़ा हिस्सा वास्तव में हमारे मन की कल्पना होती है।

यह पोस्ट भी पढ़ें 👇 

सफल लोग दूसरों से अलग क्या सोचते हैं?

जब आप सफल लोगों की कहानियां पढ़ते हैं तो एक बात बार-बार दिखाई देती है। उन्होंने कभी भी अपने निर्णय केवल लोगों की राय के आधार पर नहीं लिए।
  • जब किसी ने बिजनेस शुरू किया, लोगों ने कहा जोखिम है।
  • जब किसी ने यूट्यूब शुरू किया, लोगों ने कहा समय बर्बाद कर रहे हो।
  • जब किसी ने ब्लॉगिंग शुरू की, लोगों ने कहा इससे क्या होगा?
लेकिन वही लोग बाद में सफलता मिलने पर तारीफ करने लगते हैं।

दुनिया का एक नियम है

जब तक आप सफल नहीं होते तब तक लोग सवाल पूछते रहेंगे और जब आप सफल हो जाते हो तो वही लोग आपकी कहानी सुनाने लगते हैं।

Qoura पोस्ट 

अगर लोग हंसेंगे तो क्या होगा? यह सवाल खुद से पूछिए।

मान लीजिए आपने नया काम शुरू किया और कुछ लोगों ने मजाक उड़ाया फिर क्या होगा?
  • कुछ दिन बात करेंगे।
  • कुछ लोग हंसेंगे।
  • कुछ आलोचना करेंगे।
  • फिर सभी अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाएंगे।
लेकिन अगर आपने डर की वजह से शुरुआत ही नहीं की, तो उसका पछतावा वर्षों तक आपके साथ रहेगा।
अस्थाई आलोचना से ज्यादा दर्दनाक स्थाई पछतावा होता है।

अपने लक्ष्य को लोगों की राय से बड़ा बनाइए।

जब आपका उद्देश्य मजबूत होता है तो लोगों की बातें कमजोर पड़ जाती हैं। मान लीजिए कोई व्यक्ति अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता है। वह नया बिजनेस शुरू करना चाहता है।

यदि उसका लक्ष्य केवल लोगों को प्रभावित करना है, तो वह जल्दी डर जाएगा। लेकिन यदि उसका लक्ष्य परिवार का भविष्य बेहतर बनाना है, तो लोगों की बातें उसके लिए महत्वहीन हो जाएंगी।

यह पोस्ट भी पढ़ें 👇 

इसलिए हमेशा अपने आप से पूछिए मैं यह काम क्यों करना चाहता हूं?

जितना स्पष्ट आपका उद्देश्य होगा, उतना कम आप दूसरों की राय से प्रभावित होंगे। कई लोग इसलिए डर जाते हैं क्योंकि वे परिणाम के बारे में बहुत ज्यादा सोचते हैं।

वे शुरुआत करने से पहले ही सफलता और असफलता दोनों की कल्पना करने लगते हैं। इसकी जगह छोटे कदम उठाइए।
  • अगर ब्लॉग शुरू करना है तो पहला लेख लिखिए।
  • अगर यूट्यूब चैनल बनाना है तो पहला वीडियो रिकॉर्ड कीजिए।
  • अगर बिजनेस शुरू करना है तो पहले ग्राहक की तलाश कीजिए।
जब आप कार्य करना शुरू करते हैं तो डर धीरे-धीरे कम होने लगता है। क्योंकि आत्मविश्वास सोचने से नहीं काम करने से आता है।

आलोचना को दुश्मन नहीं, शिक्षक समझें। यह जरूरी नहीं कि हर आलोचना गलत हो। कुछ लोग वास्तव में आपकी कमियां बताते हैं ताकि आप बेहतर बन सकें।

इसलिए आलोचना से भागने की बजाय यह देखिए कि उसमें सीखने लायक क्या है। सफल लोग आलोचना से टूटते नहीं, बल्कि उससे सीखते हैं।

याद रखिए, हर किसी को खुश करना असंभव है। यदि आप कुछ करेंगे तो लोग बोलेंगे। यदि आप कुछ नहीं करेंगे तब भी लोग बोलेंगे।
यदि आप सफल होंगे तो लोग बोलेंगे। यदि असफल होंगे तब भी लोग बोलेंगे।

जब लोगों को हर हाल में कुछ न कुछ कहना ही है, तो फिर उनके डर से अपने सपनों को पूरा होने से क्यों रोका जाए?

यह पोस्ट भी पढ़ें 👇 

एक सरल अभ्यास जो आपका डर कम कर देगा।

जब भी मन में "लोग क्या कहेंगे" का विचार आए, एक कागज पर लिखिए:
  1. मैं क्या करना चाहता हूं?
  2. मुझे किस बात का डर है?
  3. सबसे बुरा क्या हो सकता है?
  4. क्या मैं उस स्थिति को संभाल सकता हूं?
अधिकतर मामलों में आपको पता चलेगा कि आपका डर वास्तविकता से कहीं बड़ा है।

निष्कर्ष

जीवन में सबसे बड़ा जोखिम अक्सर जोखिम न लेना होता है।
"लोग क्या कहेंगे" का डर आपको सुरक्षित जरूर महसूस करा सकता है, लेकिन यह आपको आगे बढ़ने से भी रोक देता है।

याद रखिए, जो लोग आज आपकी आलोचना कर रहे हैं, वे कल आपकी सफलता की कहानी भी सुना सकते हैं। लेकिन यदि आपने शुरुआत ही नहीं की, तो आपके पास सुनाने के लिए कोई कहानी नहीं होगी।
  • इसलिए सही समय का इंतजार मत कीजिए।
  • लोगों की राय से ज्यादा अपने सपनों पर भरोसा कीजिए।
क्योंकि जीवन के अंत में आपको यह नहीं सताएगा कि लोगों ने क्या कहा था, बल्कि यह सताएगा कि लोग क्या कहेंगे के डर से आपने सपनों को पूरा नहीं होने दिया।

पोस्ट अच्छी लगे तो अपने मित्रों में शेयर जरूर करें।

आप हमें whatsapp और Facebook पर भी फॉलो कर सकते हैं।

टिप्पणियाँ

Popular Posts

How to Solve Marriage Problems in Hindi

नशा कैसे छोड़े बिना किसी दबा के? इस एक तरीके से आप बड़ी आसानी से नशा मुक्त हो सकते हैं।

Har Cheez Hone Ke Baad Bhi Insaan Dukhi Kyu Hai